20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट का वास्तु: छोटे 20 फ़ुट फ़्रंटेज में द्वार कहाँ रखें
श्रेणी: दक्षिण मुखी प्लॉट वास्तु
20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट का वास्तु: छोटे 20 फ़ुट फ़्रंटेज में द्वार कहाँ रखें — सीधा उत्तर
छोटा-सा 20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट (600 वर्ग फ़ुट) हो तो मुख्य द्वार के लिए आग्नेय कोने से 5–10 फ़ुट वाली S3-S4 पट्टी परंपरा में अपेक्षाकृत अनुकूल मानी जाती है। यहाँ एक पद केवल 2.5 फ़ुट का है, इसलिए माप साइट पर नापें और निर्माण बदलने से पहले वास्तु विशेषज्ञ की राय लें।
- 20 फ़ुट के सामने में आठ पद बनते हैं और हर पद सिर्फ़ 2.5 फ़ुट (2 फ़ुट 6 इंच) का है, यानी साधारण दरवाज़ा भी एक पद से चौड़ा पड़ता है।
- छोटे आकार में अनुकूल माने जाने वाले S3-S4 केवल 5 से 10 फ़ुट के बीच, यानी पाँच फ़ुट की पट्टी में, सिमटे हैं।
- 600 वर्ग फ़ुट (66.7 वर्ग गज़) और 30 फ़ुट की कम गहराई के कारण यहाँ द्वार, सीढ़ी और रसोई एक-दूसरे के पास आ जाते हैं।
- छोटे आकार में सीढ़ी, द्वार और रसोई, तीनों एक-दूसरे की जगह घेरते हैं, इसलिए नक्शे से पहले पद तय कर लेना सुविधाजनक रहता है।

20x30 का छोटा दक्षिण मुखी प्लॉट: पहली नज़र
20x30 का प्लॉट शहरों की छोटी बस्तियों में सबसे आम आकारों में गिना जाता है। सिर्फ़ 600 वर्ग फ़ुट के इस टुकड़े पर जब सड़क दक्षिण में हो, तो पहला सवाल यही उठता है कि 20 फ़ुट की छोटी सामने की दीवार में दरवाज़ा कहाँ रखा जाए। परंपरा में दिशा से ज़्यादा पद देखा जाता है, और इतने कम फ़्रंटेज में हर फ़ुट की अहमियत बढ़ जाती है।
यहाँ गहराई केवल 30 फ़ुट है, यानी सामने की सड़क-रेखा से पीछे की दीवार तक बहुत कम जगह। इसीलिए इस आकार में द्वार, सीढ़ी और रसोई की स्थिति एक-दूसरे से टकराती है, और संतुलन बनाने के लिए नक्शे की सोच पहले दिन से ज़रूरी हो जाती है।
20x30 में 20 फ़ुट के सामने के आठ पद
आग्नेय कोने से पश्चिम की ओर गिनें तो 20 फ़ुट का सामने 2.5 फ़ुट के आठ टुकड़ों में बँट जाता है; इतने पतले टुकड़ों में निशान सावधानी से लगाने पड़ते हैं। नीचे पदों की सूची है।
- 0–2.5 फ़ुट: S1 (अनिल), सामान्य
- 2.5–5 फ़ुट: S2 (पूषा), सामान्य
- 5–7.5 फ़ुट: S3 (वितथ), अनुकूल
- 7.5–10 फ़ुट: S4 (गृहक्षत), अनुकूल
- 10–12.5 फ़ुट: S5 (यम), सावधानी
- 12.5–15 फ़ुट: S6 (गंधर्व), सावधानी
- 15–17.5 फ़ुट: S7 (भृंगराज), सावधानी
- 17.5–20 फ़ुट: S8 (मृग), टालें
20x30 प्लॉट में मुख्य द्वार के पद और दूरी
| पद (दक्षिण दीवार) | आग्नेय कोने से दूरी (20 फ़ीट चौड़ाई) | परंपरा में स्थिति |
|---|---|---|
| S1 (अनिल) | 0 – 2.5 फ़ीट | सामान्य |
| S2 (पूषा) | 2.5 – 5 फ़ीट | मध्यम |
| S3 (वितथ) | 5 – 7.5 फ़ीट | अपेक्षाकृत अनुकूल |
| S4 (गृहक्षत) | 7.5 – 10 फ़ीट | अनुकूल |
| S5 (यम) | 10 – 12.5 फ़ीट | सावधानी वाला |
| S6 (गंधर्व) | 12.5 – 15 फ़ीट | सावधानी वाला |
| S7 (भृंगराज) | 15 – 17.5 फ़ीट | सावधानी वाला |
| S8 (मृग) | 17.5 – 20 फ़ीट | सामान्यतः टालने योग्य |
20x30 में S3-S4 की सटीक पट्टी
S3 कोने से 5 से 7.5 फ़ुट और S4 7.5 से 10 फ़ुट तक है। 20x30 में दोनों मिलकर 5 फ़ुट की पट्टी बनाते हैं, जो पूरे सामने का एक-चौथाई हिस्सा है।
साढ़े तीन फ़ुट की चौखट रखने पर उसका केंद्र S3 में 6.25 फ़ुट और S4 में 8.75 फ़ुट पर आएगा, यानी चौखट 4.5–8 या 7–10.5 फ़ुट में फैलेगी। चौखट पद से बड़ी है, इसलिए केंद्र वाले पद को ही आधार मानें। शेष: S1-S2 आरंभ के 5 फ़ुट में, S5 से S7 10–17.5 फ़ुट में और S8 अंतिम 2.5 फ़ुट में।
छोटी गहराई में 600 वर्ग फ़ुट का उपयोग कैसे सोचें
600 वर्ग फ़ुट को वर्ग गज़ में बदलें तो यह लगभग 66.7 वर्ग गज़ बैठता है, यानी करीब 55.7 वर्ग मीटर। इतने छोटे क्षेत्र में ग्राउंड फ़्लोर पर आम तौर पर एक बेडरूम, हॉल-किचन और एक या दो शौचालय की योजना बनती है। यदि ऊपर की मंज़िल जोड़नी हो तो सीढ़ी को भीतर रखने के बजाय बाहर की ओर पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम की दीवार से जोड़ना परंपरा में अधिक सहज बताया जाता है।
30 फ़ुट की गहराई में सामने 3 से 4 फ़ुट का खुला हिस्सा छोड़ने पर रहने योग्य गहराई 26 से 27 फ़ुट रह जाती है। दक्षिण दिशा के सामने की ओर जगह कम खुली रखने की बात कही जाती है, फिर भी यदि प्लॉट के उत्तर-पूर्व में थोड़ा खुला भाग रखा जा सके तो वह पूजा-स्थान और प्रकाश के लिए उपयोगी माना जाता है।
20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट में कमरों की सामान्य व्यवस्था
परंपरा में दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) को भारी और स्थिर कोना माना गया है, इसलिए इस छोटे प्लॉट में मुख्य शयन-कक्ष को पीछे-बाएँ यानी नैऋत्य में रखना सहज सुझाव है। उसकी माप लगभग 10 गुणा 11 फ़ुट रखी जा सकती है। रसोई दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) में रखने से द्वार के पास का हिस्सा इस्तेमाल हो जाता है, और खाना पकाते समय मुख पूर्व की ओर रहे, यह पारंपरिक बात है।
पूजा का स्थान उत्तर-पूर्व में बहुत छोटे आले या शेल्फ़ के रूप में भी रखा जा सकता है; इतने छोटे प्लॉट में अलग कमरा न भी हो तो चल जाता है। शौचालय उत्तर-पूर्व कोने से दूर, पश्चिम या उत्तर-पश्चिम की ओर रखें। पानी की टंकी या बोरवेल का स्थान उत्तर-पूर्व में माना जाता है, पर सीमित जगह में विशेषज्ञ से पूछकर ही तय करें।
- नैऋत्य: मुख्य शयन-कक्ष, लगभग 10x11 फ़ुट
- आग्नेय: रसोई, द्वार की ओर खुलने वाली खिड़की के साथ
- ईशान: पूजा-आला या खुली जगह, शौचालय नहीं
- वायव्य: छोटा शौचालय या भंडार
20x30 में द्वार न खिसके तो
मान लें 20x30 का तैयार द्वार 12.5–15 फ़ुट पर यानी S6 में बना है; इस छोटे सामने में वह लगभग पूरे पद को घेर लेता है। तालिका इसे सावधानी वाला पद मानती है, पर यहाँ पहले माप दोहराना ही समझदारी है।
इस छोटे प्लॉट में तैयार मकान का द्वार कई बार किसी भी कोने की ओर सरका मिलता है, क्योंकि 20 फ़ुट के सामने में दरवाज़ा और सीढ़ी दोनों रखनी पड़ती हैं। ऐसी हालत में 30 फ़ुट गहराई की वजह से प्रवेश के बाद का गलियारा बहुत छोटा रहता है, और वहाँ एक छोटा जूता-रैक तथा दीवार-बत्ती लगाकर दहलीज़ को खुला-खुला रखना काम आता है। चौखट पर साफ़ सफ़ेद या हल्के पीले रंग का पोंछा, शाम को एक दीपक और दरवाज़े के ऊपर आम के पत्तों का तोरण पर्याप्त सरल कदम माने जाते हैं। सड़क बिल्कुल सामने है, इसलिए बाहर की ओर खुलने वाले पल्ले को भीतर की ओर खोलना व्यावहारिक सुरक्षा भी देता है।
सीढ़ी और ऊपर की मंज़िल का ध्यान
छोटे प्लॉट में लोग अक्सर तुरंत G+1 सोचते हैं। यदि सीढ़ी बाहर बनानी हो तो 20 फ़ुट के सामने में उसके लिए लगभग 3 फ़ुट चौड़ाई निकालनी पड़ती है, जिससे दरवाज़े वाला हिस्सा और संकरा हो सकता है। इसलिए पहले तय करें कि प्रवेश किस पद में होगा और सीढ़ी उससे कितनी दूर रहेगी।
बीम और कॉलम का खाका इंजीनियर से बनवाना ज़रूरी है। वास्तु की बातों के लिए संरचना की मज़बूती से समझौता न करें।
20x30 के लिए अंतिम जाँच-बिंदु
इस आकार में हर कमरे की माप कम होने से निर्णय जल्दबाज़ी में न लें। पहले 20 फ़ुट के सामने पर आठ निशान लगाएँ, फिर 30 फ़ुट की गहराई पर कमरों के कोने चिह्नित करें और कागज़ पर रखकर देखें कि बिस्तर, चूल्हा और पूजा के स्थान सहज रूप से बैठते हैं या नहीं। 600 वर्ग फ़ुट में परंपरा के हर नियम का पूर्ण पालन कठिन हो सकता है, इसलिए प्राथमिकता तय करें: द्वार का पद, रसोई का कोना और शौचालय की दूरी, बाकी को सहजता के अनुसार ढालें।
सावधानी और ज़रूरी बात
यह जानकारी परंपरा पर आधारित है। 20x30 के छोटे सामने में 2.5 फ़ुट की गलती भी पद बदल देती है, इसलिए माप साइट पर खुद सत्यापित करें और द्वार बदलने से पहले किसी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लें। कोई निश्चित परिणाम नहीं बताया जा सकता।
20x30 साउथ फेसिंग प्लॉट वास्तु: मुख्य द्वार किस पद में — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट में मुख्य द्वार किस पद में रखा जाता है?
20x30 जैसे छोटे सामने में S3 (5–7.5) और S4 (7.5–10) फ़ुट के बीच द्वार का केंद्र रखना परंपरा में सुझाया जाता है। आँकड़े केवल गणित हैं, निश्चित परिणाम नहीं; विशेषज्ञ से पुष्टि कराएँ।
20x30 प्लॉट में एक पद कितने फ़ुट चौड़ा होता है?
20 फ़ुट का आठवाँ हिस्सा 2.5 फ़ुट यानी 2 फ़ुट 6 इंच होता है; इसलिए यहाँ पद काफ़ी संकरे हैं।
20x30 दक्षिण मुखी प्लॉट में कितने कमरे बन सकते हैं?
600 वर्ग फ़ुट में सामान्यतः 1 BHK या कसकर बनाया गया छोटा 2 BHK संभव होता है। दूसरी मंज़िल जोड़ने पर कमरों की संख्या बढ़ती है। कमरों की माप कम करके हर कोने का परंपरागत उपयोग बनाए रखना कठिन हो सकता है, इसलिए नक्शा किसी वास्तु जानकार से जँचवाएँ।
20 फ़ुट के सामने में सीढ़ी और द्वार दोनों कैसे रखें?
आम तौर पर सुझाव दिया जाता है कि द्वार पूर्व के हिस्से (S3 या S4 के आसपास) में रहे और सीढ़ी पश्चिम की ओर। इतनी कम चौड़ाई में दोनों के लिए जगह निकालना कठिन हो तो नक्शा-निर्माता और वास्तु सलाहकार से मिलकर विकल्प तय करें।
20x30 में सामने की सड़क बहुत पास हो तो क्या देखें?
600 वर्ग फ़ुट के इस प्लॉट में सड़क से द्वार की दूरी कम रहती है। परंपरा में दहलीज़ पर रोशनी, भीतर की ओर खुलने वाला पल्ला और द्वार के सामने का हिस्सा साफ़ रखने की बात कही जाती है। साथ ही स्थानीय नियम के अनुसार सेटबैक जाँच लें।
डिस्क्लेमर: यह पेज पारंपरिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है; परिणाम की कोई निश्चितता नहीं और यह चिकित्सकीय, कानूनी या वास्तु-संरचनात्मक सलाह नहीं है। पूरा डिस्क्लेमर