ग्रह शांति उपाय: स्नान, सूर्य पूजा और कमज़ोर ग्रह
ग्रह-विशेष स्नान उपाय, कमज़ोर ग्रह की पहचान, 21 दिन के शांति उपाय, सूर्य अर्घ्य, चढ़ावा, सूर्य नमस्कार और मंत्र।
इस सेक्शन की सामग्री पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। परिणाम की निश्चितता नहीं; स्वास्थ्य, संपत्ति या कानूनी मामलों में विशेषज्ञ से सलाह लें।
ग्रह-विशेष स्नान उपाय 15 लेख
- एप्सम सॉल्ट से नहाने के ज्योतिषीय फायदे और नुकसानज्योतिष की परंपरा में नहाने के पानी में नमक मिलाना नकारात्मकता और थकान उतारने का घरेलू उपाय माना जाता है, पर शास्त्रों में एप्सम…
- नहाने के पानी में हल्दी डालने से क्या होता है?नहाने के पानी में हल्दी डालकर स्नान करना हमारी परंपरा में शुभता, शुद्धि और त्वचा की देखभाल से जोड़ा जाता है। विवाह की हल्दी रस्म…
- गुरुवार हल्दी स्नान: कौन सा मंत्र जपें और क्या नियम?गुरुवार को हल्दी वाले जल से नहाते समय परंपरा में बृहस्पति का बीज मंत्र "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः" या सरल रूप "ॐ बृं…
- नहाने के पानी में गुलाब जल डालने से क्या होता है?नहाने के पानी में गुलाब जल डालने से शरीर में ताज़गी और हल्की सुगंध मिलती है। ज्योतिषीय मान्यता में गुलाब को शुक्र ग्रह से जोड़ा…
- ग्रह के अनुसार नहाने के पानी में क्या मिलाएँ? पूरी तालिकापरंपरा में हर ग्रह का एक वार और एक प्रिय पदार्थ माना गया है, इसलिए उसी दिन नहाने के पानी में वह चीज़ थोड़ी मात्रा में मिलाई जाती…
- रविवार सूर्य स्नान: लाल चंदन या सेंधा नमक से नहाने की विधिपरंपरा में रविवार सूर्य का दिन है। कुंडली में सूर्य कमज़ोर हो तो आत्मविश्वास, पिता-पक्ष और मान-सम्मान के लिए नहाने के पानी में…
- सोमवार चंद्र स्नान: कच्चा दूध या चावल के धोवन से कैसे नहाएँ?परंपरा में सोमवार चंद्रमा का दिन माना जाता है। कुंडली में चंद्र कमज़ोर हो तो मन की बेचैनी और माता पक्ष की चिंता के लिए नहाने की…
- मंगलवार मंगल स्नान: लाल मसूर या सेंधा नमक से नहाने की विधिपरंपरा में मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। कुंडली में मंगल कमज़ोर या उग्र माना जाए तो नहाने के पानी में थोड़ी लाल मसूर…
- बुधवार बुध स्नान: हरी इलायची या दूब घास से नहाने की विधिपरंपरा में बुधवार बुध ग्रह और गणेश जी का दिन है। कुंडली में बुध कमज़ोर हो तो वाणी, पढ़ाई और व्यापारिक समझ के लिए नहाने के पानी…
- गुरुवार बृहस्पति स्नान: हल्दी या केसर से नहाने की सही विधिपरंपरा में गुरुवार देवगुरु बृहस्पति का दिन है। कुंडली में गुरु कमज़ोर हो तो ज्ञान, भाग्य, विवाह और संतान के मामलों में सहारे के…
- शुक्रवार शुक्र स्नान: गुलाब जल या इत्र से नहाने की सही विधिपरंपरा में शुक्रवार शुक्र ग्रह और देवी लक्ष्मी का दिन है। कुंडली में शुक्र कमज़ोर हो तो सौंदर्य, दांपत्य संबंध और सुख-सुविधा के…
- शनिवार शनि स्नान: काले तिल या सरसों के तेल से नहाने की विधिपरंपरा में शनिवार शनि देव का दिन है। साढ़ेसाती, ढैय्या या कमज़ोर शनि के भारीपन के लिए नहाने की बाल्टी में एक चम्मच काले तिल…
- राहु के लिए शनिवार स्नान विधि: नीले फूल या गोमूत्र कैसे मिलाएँ?परंपरा में माना जाता है कि राहु की अशांति कम करने के लिए शनिवार को स्नान के जल में नीले फूल (जैसे अपराजिता) की कुछ पंखुड़ियाँ या…
- केतु के लिए मंगलवार स्नान: तिल या अश्वगंधा जल कैसे मिलाएँ?परंपरा में माना जाता है कि केतु की अशांति शांत करने के लिए मंगलवार को स्नान के जल में एक चम्मच काले-सफ़ेद मिश्रित तिल या…
- नवग्रह स्नान उपाय: किस ग्रह के लिए पानी में क्या मिलाएँ?परंपरा में हर ग्रह के लिए अलग वार और अलग वस्तु बताई गई है: रविवार सूर्य के लिए लाल चंदन, सोमवार चंद्र के लिए कच्चा दूध, मंगलवार…
कमज़ोर ग्रह की पहचान और शांति 5 लेख
- कमज़ोर ग्रह के सरल दैनिक उपाय: स्नान के अलावा क्या करें?परंपरा में माना जाता है कि स्नान के अलावा भी कमज़ोर ग्रह के लिए रोज़ के छोटे उपाय किए जा सकते हैं: ग्रह के दिन व्रत या संयम…
- बिना कुंडली कमज़ोर ग्रह की पहचान: आदतों से संकेतज्योतिष की परंपरा में माना जाता है कि हर ग्रह जीवन के कुछ क्षेत्रों और स्वभाव से जुड़ा है, इसलिए उन क्षेत्रों में लगातार बनी कमी…
- कमज़ोर ग्रह शांत करने के 21 दिन के दैनिक नियमपरंपरा में किसी पहचाने हुए कमज़ोर ग्रह के लिए 21 दिन का नियमबद्ध अभ्यास अपनाया जाता है: पहले दिन संकल्प, फिर हर दिन एक ही समय पर…
- 21 दिन के ग्रह शांति उपाय के बाद असर कैसे परखें?21 दिन के ग्रह शांति उपाय के बाद असर जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका अपनी लिखी हुई डायरी है: पहले दिन और इक्कीसवें दिन के नींद…
- 21 दिन के ग्रह शांति अनुष्ठान का समापन और उद्यापन विधिपरंपरा में 21 दिन के ग्रह शांति अनुष्ठान का समापन अंतिम दिन सरल पूजा से होता है: स्नान और संकल्प, ग्रह के मंत्र की पूर्णाहुति या…
सूर्य पूजा: अर्घ्य और चढ़ावा 6 लेख
- सूर्य अर्घ्य में हल्दी, चावल, तिल एक साथ चढ़ाएँ या अलग?परंपरा में सूर्य अर्घ्य के लिए मूल चीज़ केवल शुद्ध जल है। हल्दी, चावल और काला तिल अलग-अलग ग्रहों की भावना जोड़ने वाले वैकल्पिक…
- सूर्य को जल चढ़ाने की सही विधि, समय और नियमपरंपरा में माना जाता है कि सुबह सूर्योदय के समय ताँबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाना सबसे सरल सूर्य उपासना है। इसमें पूर्व दिशा…
- सूर्य को हल्दी वाला जल चढ़ाने की मान्यता और विधिपरंपरा में माना जाता है कि सूर्य को हल्दी मिला जल चढ़ाने से सूर्य के साथ गुरु (बृहस्पति) का भाव भी जुड़ता है, क्योंकि हल्दी का…
- सूर्य को चावल (अक्षत) चढ़ाने का महत्व और सही तरीकापरंपरा में सूर्य पूजा में चावल को अक्षत यानी अखंड कहकर चढ़ाया जाता है, जो पूर्णता और स्थिरता का प्रतीक माना गया है। जल में कुछ…
- सूर्य को काला तिल चढ़ाना: शनि-राहु से क्या संबंध?परंपरा में काले तिल को शनि और राहु से जोड़ा जाता है, जबकि अर्घ्य सूर्य को दिया जाता है। इसलिए काला तिल मिला जल चढ़ाना सूर्य और…
- सूर्य अर्घ्य में क्या चढ़ाएँ? ग्रह के अनुसार पूरी सूचीपरंपरा में सूर्य अर्घ्य के चार प्रचलित रूप हैं: शुद्ध जल सूर्य के लिए, हल्दी गुरु के भाव के लिए, चावल चंद्र-शुक्र के भाव के लिए…
सूर्य नमस्कार, मंत्र और प्राणायाम 7 लेख
- सूर्य देव के 12 नाम और अर्घ्य के समय जाप का महत्वपरंपरा में सूर्य देव के बारह नाम हैं: मित्र, रवि, सूर्य, भानु, खग, पूषा, हिरण्यगर्भ, मरीचि, आदित्य, सविता, अर्क और भास्कर…
- सूर्य नमस्कार के 12 आसन और 12 मंत्र: चरण-दर-चरण विधिसूर्य नमस्कार के बारह आसनों में हर आसन के साथ सूर्य का एक नाम-मंत्र जोड़ा जाता है। प्रणामासन के साथ ॐ मित्राय नमः से शुरू होकर…
- सूर्य नमस्कार में चक्र ध्यान कैसे लगाएँ? सरल क्रमसूर्य नमस्कार में चक्र-ध्यान का अर्थ है हर आसन में साँस के साथ मन को शरीर के एक निश्चित केंद्र पर टिकाना, जैसे प्रणामासन में…
- सूर्य नमस्कार में बीज मंत्र ह्रां, ह्रीं, ह्रूं कैसे बोलें?सूर्य नमस्कार में ह्रां, ह्रीं, ह्रूं, ह्रैं, ह्रौं और ह्रः नामक छह एकाक्षरी बीज मंत्रों का उपयोग एक परंपरागत प्रकार है, जिसमें…
- सूर्य नमस्कार के बाद कौन से प्राणायाम करें? सही क्रमसूर्य नमस्कार के तुरंत बाद पहले तीन से पाँच मिनट शवासन में साँस सामान्य होने दें, फिर अनुलोम-विलोम, और अंत में भ्रामरी या शांत…
- गर्मी और सर्दी में सूर्य नमस्कार के बाद प्राणायाम में अंतरगर्मी में सूर्य नमस्कार के कम चक्र करके उसके बाद शीतली, शीतकारी और चंद्रभेदी जैसे ठंडक देने वाले प्राणायाम रखे जाते हैं, जबकि…
- वात, पित्त, कफ के अनुसार सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कैसे चुनेंआयुर्वेदिक परंपरा में वात प्रकृति के लिए धीमा, स्थिर सूर्य नमस्कार और शांत अनुलोम-विलोम, पित्त के लिए ठंडक देने वाले शीतली और…