📅 आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और अभिजित मुहूर्त

आज या किसी भी तारीख का हिंदी पंचांग शहर के अनुसार: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहुकाल, गुलिक, यमगंड, अभिजित मुहूर्त और अगले 10 दिन के व्रत-त्योहार।

यह टूल कैसे काम करता है?

चुने हुए शहर और तारीख के हिसाब से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-आधारित समय निकाले जाते हैं। परिणाम स्थानीय समय में हैं। व्रत-त्योहार की विधि के लिए व्रत-त्योहार गाइड पढ़ें। महत्वपूर्ण मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित/पंचांग से भी मिलान करें।

🛍️ लोकप्रिय उत्पाद नामवेद शॉप

ये उत्पाद हमारी सहयोगी दुकान नामवेद के हैं; खरीदारी पर हमें कमीशन मिल सकता है, आपकी कीमत नहीं बढ़ती। उत्पाद पारंपरिक मान्यता के अनुसार सुझाए गए हैं, परिणाम या चिकित्सकीय लाभ की कोई गारंटी नहीं। कीमतें समय-समय पर बदलती हैं; अंतिम कीमत शॉप पर देखें। खरीदने से पहले असली-नकली की पहचान गाइड ज़रूर पढ़ें।

पूरी दुकान देखें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन्हीं पाँच अंगों से पंचांग बनता है।

राहुकाल क्या है और इसमें क्या करना चाहिए?

राहुकाल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का वह समय है जिसे परंपरा में नए शुभ कार्य आरंभ करने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। यह सूर्योदय के अनुसार हर शहर और वार में बदलता है।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

दिन के मध्य के आसपास का लगभग 48 मिनट का समय जिसे परंपरा में अधिकांश शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है (बुधवार आदि कुछ अपवाद बताए जाते हैं)।

पंचांग शहर के अनुसार क्यों बदलता है?

सूर्योदय-सूर्यास्त और उनसे बने राहुकाल, अभिजित जैसे समय शहर के अक्षांश-देशांतर पर निर्भर होते हैं, इसलिए सही समय के लिए अपना शहर चुनें।

डिस्क्लेमर: यह टूल पारंपरिक स्वप्न शास्त्र/ज्योतिषीय मान्यताओं और सामान्य मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित मनोरंजक-शैक्षिक उपकरण है; परिणाम कोई भविष्यवाणी या चिकित्सकीय सलाह नहीं। इस टूल में दर्ज जन्म-जानकारी गणना के लिए हमारे सर्वर से होकर ज्योतिष-गणना सेवा तक जाती है और हम उसे व्यक्तिगत रूप से सहेजते नहीं। पूरा डिस्क्लेमर